बिलासपुर (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां फैमिली कोर्ट परिसर के बाहर एक शख्स ने अपनी पत्नी को सार्वजनिक रूप से ‘तीन तलाक’ दे दिया। इतना ही नहीं, विरोध करने पर महिला को जान से मारने की धमकी भी दी गई। पीड़िता की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- घटनास्थल: फैमिली कोर्ट परिसर के बाहर, बिलासपुर (छत्तीसगढ़)।
- आरोपी पर धाराएं: मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकार संरक्षण) अधिनियम, 2019 (ट्रिपल तलाक कानून), गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी।
- विवाद की वजह: भरण-पोषण (Maintenance) के मामले की सुनवाई के दौरान हुआ विवाद।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित महिला की शादी करीब दो साल पहले हुई थी। महिला का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही पति और ससुराल वालों ने उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था।
- दहेज प्रताड़ना का केस: लगातार मिल रही प्रताड़ना से तंग आकर महिला अपने मायके लौट आई और ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कराया, जिसकी जांच चल रही है।
- भरण-पोषण की सुनवाई: महिला ने अपने खर्च (भरण-पोषण) के लिए फैमिली कोर्ट में आवेदन किया था। सोमवार को इसी मामले की सुनवाई थी, जिसमें शामिल होने महिला अपने परिजनों के साथ कोर्ट पहुंची थी।
कोर्ट के बाहर सरेआम कहा- ‘तलाक, तलाक, तलाक’
सुनवाई के दौरान महिला कुछ जरूरी दस्तावेजों की फोटोकॉपी कराने के लिए कोर्ट परिसर से बाहर सड़क की तरफ गई थी। तभी वहां पहले से मौजूद उसके पति ने उसे रोक लिया और विवाद करने लगा।
पीड़िता के अनुसार: “पति ने मुझ पर उसकी जिंदगी और परिवार बर्बाद करने का आरोप लगाते हुए सरेआम गाली-गलौज शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि उसने सबके सामने ‘तलाक, तलाक, तलाक’ कहकर रिश्ता तोड़ने का ऐलान कर दिया। जब मैंने विरोध किया, तो उसने मुझे जान से मारने की धमकी दी और मौके से फरार हो गया।”
पुलिस की कार्रवाई और कानून
घटना के तुरंत बाद पीड़िता ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी पति के खिलाफ मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकार संरक्षण) अधिनियम, 2019 और अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है।
- कड़ी सजा का प्रावधान: पुलिस के मुताबिक, कानूनन एक साथ तीन तलाक (ट्रिपल तलाक) देना एक संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध है, जिसमें आरोपी को 3 साल तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान है।
- आगे की जांच: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तलाश जारी है। साक्ष्य जुटाने के लिए कोर्ट परिसर में मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों से भी पूछताछ की जा सकती है।


