रायगढ़: क्या आपकी जान सड़कों पर सुरक्षित है? अगर कोई भारी वाहन आपके बगल से गुजर रहा है, तो सावधान हो जाइए। कहीं वह वाहन चलाने वाला ‘मौत का ड्राइवर’ तो नहीं, जिसका लाइसेंस किसी मेहनत से नहीं, बल्कि फर्जीवाड़े की बुनियाद पर खड़ा है?
रायगढ़ पुलिस और RTO की संयुक्त छापेमारी ने एक ऐसे खतरनाक रैकेट का पर्दाफाश किया है, जिसे सुनकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। ‘बाबा ट्रैवल्स’ के नाम से चल रही एक दुकान, ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के नाम पर मौत बांटने का अड्डा बन चुकी थी।
क्या था यह काला खेल?
- फर्जी दस्तावेज: ओडिशा और अन्य राज्यों के निवासियों को छत्तीसगढ़ का निवासी दिखाने के लिए फर्जी किरायानामा (Rent Agreement) और शपथ-पत्र तैयार किए जा रहे थे।
- नकली उम्मीदवार: ड्राइविंग टेस्ट में असली आवेदक की जगह कोई और ही बैठ रहा था। यानी, जिसे गाड़ी तक चलानी नहीं आती, वह भारी वाहनों का लाइसेंस लेकर सड़कों पर मौत का तांडव मचाने को तैयार था।
- मौत का लाइसेंस: बिना किसी योग्यता के, केवल पैसे के दम पर भारी वाहनों के लाइसेंस बांटे जा रहे थे।
पुलिस और RTO की टीम ने छापेमारी कर लगभग 180 संदिग्ध लाइसेंस जब्त किए हैं। यह संख्या महज एक शुरुआत हो सकती है। अगर इन 180 लोगों ने सड़कों पर भारी वाहन चलाए, तो न जाने कितनी मासूम जिंदगियां दांव पर लगी होंगी।
प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: पुलिस ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच शुरू कर दी है। सवाल यह है कि आखिर किसकी मिलीभगत से यह गोरखधंधा फल-फूल रहा था?
चेतावनी: सड़कों पर सतर्क रहें, क्योंकि आपका एक गलत अनुमान और इन फर्जी लाइसेंस वाले ड्राइवरों की अनभिज्ञता, किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
रायगढ़ में ‘मौत का लाइसेंस’ बांटने वाले गिरोह का भंडाफोड़! ‘बाबा ट्रैवल्स’ नाम की दुकान से हो रहा था फर्जीवाड़े का खेल।
❌ ड्राइविंग टेस्ट में डमी कैंडिडेट बैठाए गए।
❌ फर्जी दस्तावेजों से बनाए जा रहे थे भारी वाहनों के लाइसेंस।
❌ 180 संदिग्ध लाइसेंसों की हो रही जांच।



