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विश्वासघात और एक होनहार बेटी का अंत; आखिर कब थमेगा यह सिलसिला?

सपनों को आंखों में सजाकर पीएससी (PSC) की तैयारी कर रही एक और होनहार बेटी की जीवनलीला महज एक ‘बेवफा प्रेमी’ की हरकतों के कारण समाप्त हो गई। बिलासपुर के जरहाभाठा में हुई आयुषी कुर्रे की आत्महत्या केवल एक आकस्मिक मौत नहीं, बल्कि उन तथाकथित प्रेम संबंधों की कड़वी सच्चाई है जो आज के दौर में युवाओं की मानसिक शांति और उनके भविष्य को निगल रहे हैं।

क्या प्रेम अब केवल ‘मानसिक प्रताड़ना’ का जरिया बन गया है?

मामला जांजगीर-चांपा की रहने वाली आयुषी कुर्रे का है, जो बिलासपुर में रहकर बड़ी उम्मीदों के साथ अपनी पढ़ाई कर रही थी। लेकिन उसकी जिंदगी का अंत उसके प्रेमी दीपक खांडे की ओछी हरकतों और विश्वासघात की भेंट चढ़ गया। जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे विचलित करने वाले हैं। आरोपी दीपक, जिसे आयुषी अपना हमसफर मानती थी, दूसरी युवतियों के साथ संबंध बनाने में मशगूल था।

क्या एक युवती का भविष्य, उसके करियर के सपने और उसका जीवन इतना सस्ता हो गया है कि एक ‘बॉयफ्रेंड’ की दूसरी महिला से बातचीत के कारण उसे अपनी जान देनी पड़े? यह केवल प्रेम में असफलता नहीं, बल्कि एक सुनियोजित मानसिक प्रताड़ना है।

पुलिस की कार्रवाई: कानून का कड़ा रुख

सिविल लाइन थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की, जिसमें दीपक खांडे की करतूतें सामने आईं। पुलिस की जांच से यह स्पष्ट है कि आयुषी की मौत के पीछे का मुख्य कारण दीपक का दोहरा चरित्र और उसके द्वारा दी गई मानसिक पीड़ा थी। पुलिस ने अब आरोपी दीपक कुमार खांडे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत मामला दर्ज कर उसे सलाखों के पीछे भेज दिया है।

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