छोड़कर सामग्री पर जाएँ

रायगढ़ में ‘लव जिहाद’ और राष्ट्रविरोधी साजिश का उबाल: बजरंग दल पहुंचा एसपी दफ्तर की जांच की मांग

जब प्यार के मुखौटे के पीछे साजिश का चेहरा छिपा हो, और जब घर की चारदीवारी के भीतर देशद्रोह का पाठ पढ़ाया जा रहा हो, तो समाज का खौलना लाजिमी है। रायगढ़ में ठीक यही हुआ है। शहर में लव जिहाद, अवैध धर्मांतरण और सबसे गंभीर—राष्ट्रविरोधी गतिविधियों का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे प्रशासनिक अमले की नींद उड़ा दी है।

​शुक्रवार दोपहर को इस सुलगते हुए मुद्दे को लेकर बजरंग दल के पदाधिकारी सीधे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) शशि मोहन सिंह के दफ्तर पहुंचे। माहौल में तल्खी साफ थी, और मांग सिर्फ एक—आर-पार की जांच और दोषियों का हिसाब।

​क्या है पूरा मामला? (संपादकीय नजरिया)

​बजरंग दल द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के पन्ने जो कहानी बयां कर रहे हैं, वह किसी के भी रोंगटे खड़े कर दे। आरोप सीधे और बेहद संगीन हैं:

  • पहचान छिपाकर फंसाया: एक शख्स ने अपनी पहली शादी और असल पहचान को छिपाकर एक हिंदू युवती को अपने कथित ‘प्रेमजाल’ में फंसाया और शादी कर ली।
  • धर्म परिवर्तन का दबाव: शादी का खुमार उतरते ही शुरू हुआ प्रताड़ना का दौर। युवती को मानसिक और शारीरिक रूप से तो तोड़ा ही गया, साथ ही उसके मासूम बच्चों पर भी धर्म बदलने का भारी दबाव बनाया जा रहा है।
  • बच्चों को देशद्रोह का पाठ: सबसे चौंकाने वाला और खतरनाक आरोप यह है कि आरोपी शख्स द्वारा बच्चों को राष्ट्रविरोधी नारे रटवाने और उनसे बुलवाने की नापाक कोशिश की जा रही थी।
  • अवैध धंधे और विदेशी फंडिंग का शक: संगठन ने अंदेशा जताया है कि यह सिर्फ एक घरेलू अपराध नहीं है, बल्कि इसके तार नशे के काले कारोबार और विदेशी फंडिंग (Terror/Splits Funding) से जुड़े हो सकते हैं।

​बजरंग दल की दोटूक: जांच ऐसी हो जो नजीर बने

​”यह सिर्फ एक बेटी की जिंदगी का सवाल नहीं है, यह देश की सुरक्षा और हमारी संस्कृति पर सीधा प्रहार है। पुलिस को इसमें केवल प्रताड़ना की धाराएं नहीं, बल्कि देशद्रोह का एंगल देखना होगा।”

​बजरंग दल के पदाधिकारियों ने एसएसपी से साफ शब्दों में कहा है कि:

  1. ​आरोपी की चल-अचल संपत्तियों और उसके वित्तीय स्रोतों (Financial Trail) की गहराई से जांच हो।
  2. ​पीड़ित महिला और उसके बच्चों को तत्काल कड़ी सुरक्षा दी जाए, क्योंकि उन्हें जान का खतरा है।
  3. ​मामले के पीछे छिपे पूरे सिंडिकेट को बेनकाब किया जाए।

​आगे क्या?

​एसएसपी शशि मोहन सिंह ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए मामले की संवेदनशीलता को समझा है और पुलिस प्रशासन इस समय पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुट गया है।

एक सजग समाचार पत्र होने के नाते हमारा मानना है कि प्यार और शादी किसी का भी निजी फैसला हो सकते हैं, लेकिन जब इसके पीछे पहचान छिपाने का धोखा हो, बच्चों के जेहन में देश के खिलाफ जहर घोलने की साजिश हो, तो इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। रायगढ़ पुलिस के लिए यह एक बड़ी परीक्षा है। जांच निष्पक्ष हो, तेज हो और ऐसी हो कि दोबारा कोई इस शांत शहर की आबोहवा में ‘राष्ट्रविरोधी’ जहर घोलने की हिम्मत न कर सके।

नजर बनी हुई है, हर अपडेट आप तक पहुंचती रहेगी।

ख़बर शेयर करें: