स्वामी बालकृष्ण पुरी विधि महाविद्यालय (लॉ कॉलेज), रायगढ़ में अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के सम्मान में एक भव्य, आत्मीय और गरिमामय विदाई समारोह (Farewell) का आयोजन किया गया। यह पूरा समारोह बेहद भावुक और सौहार्दपूर्ण वातावरण के बीच संपन्न हुआ।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां:
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक रूप से मां सरस्वती के पूजन एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
इसके पश्चात जूनियर और सीनियर विद्यार्थियों द्वारा कई शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिनमें संगीत, नृत्य और मनोरंजक गतिविधियां शामिल थीं। छात्रों के इस उत्साह और आपसी अपनत्व ने पूरे समारोह को यादगार बना दिया।
मधुर स्मृतियां साझा कर समाज सेवा का लिया संकल्प:
- विदाई ले रहे अंतिम वर्ष के छात्रों ने कॉलेज जीवन की अपनी खट्टी-मीठी और मधुर स्मृतियों को मंच से साझा किया। उन्होंने अपने प्राध्यापकों और सहपाठियों के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया।
- छात्रों ने सत्यनिष्ठा, अनुशासन, संवैधानिक मूल्यों और न्याय के प्रति सदैव समर्पित रहकर देश व समाज की निस्वार्थ सेवा करने का संदेश दिया।
- इस विदाई की बेला में हंसी-ठिठोली, मुस्कान और आंसुओं के बीच सभी छात्रों ने अपने शिक्षकों व मित्रों के साथ इन खूबसूरत क्षणों को कैमरों में कैद किया।
संस्थान की प्रतिबद्धता और उज्ज्वल भविष्य की कामना:
महाविद्यालय परिवार ने अंतिम वर्ष के सभी छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य, सफल व्यावसायिक जीवन और उत्तम स्वास्थ्य की मंगलकामना की। संस्थान ने विश्वास जताया कि ये छात्र अपने ज्ञान, व्यक्तित्व और कार्यों से कॉलेज, अपने परिवार और समाज का नाम देश भर में रोशन करेंगे।
इस अवसर पर कॉलेज की ओर से संदेश देते हुए कहा गया कि संस्थान हमेशा गुणवत्तापूर्ण विधि शिक्षा, नैतिक मूल्यों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। महाविद्यालय का मुख्य उद्देश्य ऐसे विधि स्नातकों का निर्माण करना है जो न्याय, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
विद्यार्थियों के लिए कॉलेज प्रबंधन का विशेष संदेश:
“प्रिय विद्यार्थियों, आज आप महाविद्यालय की दहलीज से एक नए जीवन की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। यह विदाई केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि आपके उज्ज्वल भविष्य की नई शुरुआत है। हमें पूरा विश्वास है कि आप अपने ज्ञान, संस्कार और कर्मनिष्ठा से समाज में न्याय, सत्य और मानवता के मूल्यों को स्थापित करेंगे। आपकी प्रत्येक सफलता हमारे लिए गर्व का विषय होगी और इस महाविद्यालय के द्वार आपके लिए सदैव खुले रहेंगे।”
समारोह के अंत में छात्रों को प्रेरित करते हुए इन पंक्तियों के साथ विदा किया गया:
“मंजिलें उन्हीं को मिलती हैं जिनके सपनों में जान होती है,
पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है।”
सफलता सदा आपके कदम चूमे और आपकी हर उपलब्धि पर हमारा आशीर्वाद बना रहे!
— प्रभारी प्राध्यापक, प्रतीक सिन्हा स्वामी बालकृष्ण पुरी विधि महाविद्यालय, रायगढ़ (छ.ग.)




