छोड़कर सामग्री पर जाएँ

राजा’ का मुखौटा, मुस्तफा का असली चेहरा: रायपुर में दो बेबस बहनों से दरिंदगी  साज़िश पर कब तक खामोश रहेगा कानून?

राजधानी रायपुर के मोवा में जो हुआ है, उसने इंसानियत को शर्मसार और हमारी सामाजिक सुरक्षा को पूरी तरह झकझोर कर रख दिया है। खुद को ‘राजा सिंह’ बताकर दो सगी बहनों की जिंदगी को नर्क के मुहाने पर धकेलने वाले मुस्तफा रजाक खान की यह घिनौनी हरकत सिर्फ एक अपराध नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर पहचान छिपाकर किया गया एक सोची-समझी साज़िश का हिस्सा है। एक विधवा और एक परित्यक्ता बहन की मजबूरी का ऐसा फायदा उठाना किसी नरपिशाच की ही सोच हो सकती है।मज़बूरी पर गिद्ध दृष्टि: रक्षक के भेष में भक्षक मुस्तफा रजाक खान ने जिस शातिराना अंदाज़ से इस वारदात को अंजाम दिया, वह उसकी विकृत और क्रूर मानसिकता का सबूत है। घर के कामकाज में मदद और जमीन दिलाने का झांसा देकर उसने पहले उन बहनों का विश्वास जीता। जो औरतें पहले से ही अपनों को खोने और अकेलेपन का दंश झेल रही थीं, उनके साथ हमदर्दी का नाटक कर अपनी असली मज़हबी पहचान छिपाना और फिर उनके जिस्म और अस्मत से खिलवाड़ करना—यह कायरता की पराकाष्ठा है।सीधा सवाल: क्या हमारे समाज में बेबस और अकेली महिलाओं को कानून और सुरक्षा का कोई ढाल नहीं मिलेगा? क्या ऐसे ढोंगी और बहरूपिये इसी तरह हमारी बहन-बेटियों की लाचारी को अपनी हवस का औजार बनाते रहेंगे?पहचान का फ्रॉड, लाखों की ठगी और ‘धर्मांतरण’ का घिनौना एजेंडायह मामला सिर्फ शारीरिक शोषण तक सीमित नहीं है, इसके पीछे एक खौफनाक और सुनियोजित एजेंडा साफ दिखाई देता है। पीड़ित बहनों का आरोप है कि असलियत सामने आने पर मुस्तफा ने उन पर जबरन धर्म परिवर्तन करने और निकाह करने का भीषण दबाव बनाया। विरोध करने पर उन्हें जान से मारने की धमकियां दी गईं और उनकी गाढ़ी कमाई के लाखों रुपये भी ऐंठ लिए गए।
जब ‘राजा सिंह’ का मुखौटा उतरा और सामने मुस्तफा रजाक खान खड़ा मिला, तब जाकर इस खौफनाक जाल का पर्दाफाश हुआ। हिंदू संगठनों का यह आक्रोश कतई गलत नहीं है कि इसे महज़ एक मामूली धोखाधड़ी मानकर रफा-दफा नहीं किया जा सकता। यह सीधे तौर पर आस्था, अस्मत और विश्वास पर किया गया एक बड़ा प्रहार है।अब पानी सिर से ऊपर है: पुलिसिया लीपापोती नहीं, ‘कड़ा सबक’ चाहिए!विधानसभा थाना पुलिस ने शिकायत लेकर जांच शुरू कर दी है, लेकिन ‘खबर नबी’ केवल जांच के खोखले आश्वासनों से संतुष्ट होने वाला नहीं है। हम प्रशासन और सरकार से बेहद कड़े शब्दों में ये मांगें करते हैं:तत्काल और कठोरतम कार्रवाई: आरोपी मुस्तफा रजाक खान को अविलंब गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे ठूंसा जाए।
रासुका और धर्मांतरण कानून के तहत एक्शन: इस मामले में सिर्फ सामान्य धाराएं नहीं, बल्कि जबरन धर्म परिवर्तन रोधी कड़े कानून और गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज हो।
फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो फैसला: इस साज़िशबाज़ को ऐसी सजा मिलनी चाहिए जो मिसाल बने, ताकि भविष्य में कोई भी अपनी पहचान छिपाकर किसी की जिंदगी और धर्म से खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके।
हमारा साफ़ संदेश:
जो लोग छलावा करके, झूठ का चोला ओढ़कर हमारी बहन-बेटियों की अस्मत और अस्मिता को निशाना बना रहे हैं, उन्हें समाज और कानून की पूरी ताकत से कुचलना होगा। पुलिस अब औपचारिकताएं छोड़े और इस दरिंदे पर वो कानूनी चाबुक चलाए जिसकी गूंज दूर तक जाए।

ख़बर शेयर करें: