रिसिप्ट देने में हुई चंद मिनटों की देरी, तो सिरफिरे युवक ने पुलिस स्टाफ से ही कर दी गाली-गलौज और धक्कामुक्की; सिटी कोतवाली पुलिस ने सिखाया सबक।
रायगढ़ खबर नवीश कहते हैं जब विनाशकाले विपरीत बुद्धि होती है, तो इंसान कानून के सबसे सुरक्षित ठिकाने पर भी अपराध करने से नहीं कतराता। जांजगीर में एक ऐसा ही हैरान करने वाला वाकया सामने आया है, जहां जिला पुलिस कप्तान (SP) के दफ्तर में ही एक युवक ने न सिर्फ जमकर उत्पात मचाया, बल्कि देश और कानून की सेवा में तैनात एक महिला पुलिसकर्मी के साथ सरेआम बदसलूकी की। ‘खबर नवीस’ की पड़ताल में सामने आया है कि आरोपी पंकज चौबे को अहंकार इस कदर हावी था कि उसने पुलिस की वर्दी का खौफ भी भुला दिया। लेकिन कानून ने भी उसे उसकी सही जगह यानी जेल का रास्ता दिखा दिया है।
बदसलूकी की पूरी ‘इनसाइड स्टोरी’: आखिर क्यों भड़का आरोपी?
मामला बेहद मामूली सी बात से शुरू हुआ, लेकिन आरोपी की बदतमीजी ने इसे एक गंभीर अपराध बना दिया। घटनाक्रम कुछ इस तरह रहा:
आवेदन देने पहुंचा था आरोपी: पंकज चौबे नाम का यह युवक किसी निजी शिकायत या काम को लेकर एसपी दफ्तर की आवक-जावक (Inward-Outward) शाखा में पहुंचा था।
महिला पुलिसकर्मी का ‘फर्ज’ ही बन गया गुनाह: ड्यूटी पर तैनात महिला पुलिसकर्मी ने आरोपी से आवेदन लिया और नियम के मुताबिक कहा कि “मैं इसे एक बार पढ़कर ही पावती (Receipt) दूंगी।”
शुरू कर दिया गाली-गलौज का तांडव: इतनी सी बात सुनते ही पंकज चौबे अपना आपा खो बैठा। उसने महिला कर्मचारी के साथ ऊंची आवाज में बदतमीजी शुरू कर दी। जब दफ्तर के बाकी पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो आरोपी ने मर्यादा की सारी सीमाएं लांघते हुए उनके साथ भी गाली-गलौज की और जमकर धक्कामुक्की पर उतारू हो गया।
पुलिस का ऑन-स्पॉट एक्शन: सीधे हवालात से जेल का सफर
एसपी दफ्तर जैसे अति-संवेदनशील परिसर में इस तरह की अराजकता की खबर फैलते ही सिटी कोतवाली पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आई।
- मौके पर दबोचा गया: कोतवाली पुलिस की टीम ने बिना वक्त गंवाए एसपी दफ्तर पहुंचकर हंगामा कर रहे पंकज चौबे को अपनी हिरासत में लिया।
- शासकीय कार्य में बाधा का केस: आरोपी के खिलाफ ऑन-ड्यूटी महिला कर्मचारी से बदसलूकी और सरकारी काम में जानबूझकर रुकावट डालने (शासकीय कार्य में बाधा) के तहत मामला दर्ज किया गया।
- न्यायिक हिरासत में जेल: पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे सीधे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। अब आरोपी अपनी हेकड़ी जेल की सलाखों के पीछे गिनेगा।



