क्या आपकी संपत्ति सुरक्षित है? रायगढ़ में सामने आया एक ऐसा सनसनीखेज मामला, जो गाड़ी मालिकों और निवेशकों के रोंगटे खड़े कर देगा। एक शातिर ठग ने पहले विश्वास जीता, फिर 80,000 रुपये महीने के किराये का लालच देकर एक भारी-भरकम ट्रेलर हड़पा और उसे रायपुर ले जाकर कबाड़ (स्क्रैप) में तब्दील कर दिया। कोतरारोड़ पुलिस ने इस मास्टरमाइंड ‘नटवरलाल’ को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया है।
कैसे बुना गया ठगी का ताना-बाना?
ठग सुदामा प्रधान उर्फ छोटू (28 वर्ष) ने ठगी का जो रास्ता चुना, वह किसी फिल्म की पटकथा जैसा है:
- नकली पहचान: उसने खुद को ‘राकेश डनसेना’ बताकर ट्रेलर मालिक हरदीप सिंह से संपर्क किया।
- लालच का जाल: एनटीपीसी (NTPC) में काम दिलाने का झांसा देकर 80,000 रुपये मासिक किराये की आकर्षक डील फाइनल की।
- दस्तावेजों का छलावा: 7 नवंबर 2024 को 50 रुपये के स्टाम्प पर फर्जी किरायानामा बनाया और विश्वास दिलाने के लिए एक ‘ब्लैंक चेक’ भी थमा दिया।
पुलिसिया जांच: कबाड़खाने से बरामद हुआ कड़वा सच
गाड़ी हाथ में आते ही आरोपी ने मोबाइल बंद कर लिया। मालिक की निजी छानबीन में खुलासा हुआ कि ‘राकेश’ कोई और नहीं, बल्कि ग्राम गहलोई (पुसौर) निवासी सुदामा प्रधान है। मामले की रिपोर्ट दर्ज होते ही पुलिस हरकत में आई।
पूछताछ में सुदामा ने जो खुलासा किया, उसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। उसने अपने साथी गुरप्रीत सिंह के साथ मिलकर ट्रेलर को रायपुर के गुढ़ियारी स्थित एक कबाड़ गोदाम में 5 लाख 20 हजार रुपये में बेच दिया। जब पुलिस उस गोदाम तक पहुँची, तो गाड़ी का अस्तित्व मिट चुका था—उसे गैस कटर से काटकर कबाड़ में बदल दिया गया था।

