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अवैध निर्माण पर बवाल: रायगढ़ के आशीर्वाद पुरम में सरकारी नजूल भूमि पर कब्जे की शिकायत, निगम आयुक्त को सौंपा ज्ञापन

  • Raigarh

नगर पालिक निगम रायगढ़ के वार्ड क्रमांक 06 स्थित आशीर्वाद पुरम कॉलोनी (दीनदयाल कॉलोनी) में शासकीय नजूल भूमि पर अवैध कब्जे और धड़ल्ले से चल रहे निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मोहल्लावासियों ने एकजुट होकर नगर पालिक निगम के माननीय आयुक्त महोदय को एक औपचारिक शिकायत पत्र सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। निगम कार्यालय द्वारा यह शिकायत 30 जून 2026 को आधिकारिक तौर पर दर्ज कर ली गई है।

नियमों को ताक पर रखकर बनाया जा रहा है मकान

शिकायत पत्र के अनुसार, क्षेत्र के रसूखदार  द्वारा नियमों और प्रचलित राजस्व कानूनों को पूरी तरह दरकिनार करते हुए सरकारी नजूल भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है। प्राप्त तस्वीरों से साफ जाहिर होता है कि उक्त भूमि पर बड़े पैमाने पर ईंट, पिलर और लोहे की छड़ों के सहारे अवैध रूप से मकान का ढांचा खड़ा किया जा रहा है। निर्माण सामग्री को बीच रास्ते और सार्वजनिक स्थान पर फैला दिया गया है, जिससे क्षेत्र में न केवल सरकारी संपत्ति का नुकसान हो रहा है, बल्कि आम जनता का आवागमन भी प्रभावित हो रहा है।

जनता में भारी आक्रोश, प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

,स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह कृत्य नगर निगम अधिनियम और राजस्व नियमों का खुला उल्लंघन है। मोहल्लावासियों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते इस गंभीर मामले पर प्रशासन ने कड़ा रुख नहीं अपनाया, तो भविष्य में अन्य असामाजिक तत्वों के हौसले भी बुलंद होंगे और वे भी शासकीय भूमि पर अतिक्रमण करने का दुस्साहस करेंगे। इससे शासन-प्रशासन की साख और कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा होना लाजिमी है।

मोहल्लावासियों की प्रमुख मांगें

शिकायत पत्र में समस्त वार्डवासियों (जिनमें अनंती, रुबीना, ओमप्रकाश, रामबाई सहित 10 से अधिक प्रबुद्ध नागरिक शामिल हैं) ने प्रशासन के समक्ष निम्नलिखित मांगें रखी हैं:

  1. तत्काल स्थल जांच: विवादित स्थल की निगम और राजस्व विभाग की टीम द्वारा तुरंत निष्पक्ष जांच कराई जाए।
  2. रिकॉर्ड का परीक्षण: संबंधित शासकीय भूमि के राजस्व एवं निगम अभिलेखों (Records) का गहन परीक्षण किया जाए।
  3. निर्माण कार्य पर रोक: नजूल भूमि पर चल रहे अवैध निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से रुकवाया जाए।
  4. ध्वस्तीकरण की कार्रवाई: शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाते हुए अवैध रूप से खड़े किए गए ढांचे को ध्वस्त किया जाए।
  5. कठोर वैधानिक कार्रवाई: अवैध कब्जा करने वाले व्यक्ति के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित हो।

अधिकारियों की मिलीभगत की भी हो जांच

वार्डवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि इस अवैध निर्माण में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की मिलीभगत पाई जाती है, तो उनके खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई होनी चाहिए। स्थानीय नागरिकों ने साफ कर दिया है कि यदि समयबद्ध सीमा के भीतर इस पर सख्त एक्शन नहीं लिया गया, तो वे जिला प्रशासन, लोकायुक्त और राजस्व विभाग के उच्च अधिकारियों के समक्ष उग्र प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी नगर पालिक निगम प्रशासन की होगी।

​अब देखना यह होगा कि नगर पालिक निगम इस सार्वजनिक शिकायत और शासकीय भूमि को बचाने के लिए कितनी मुस्तैदी से कदम उठाता है।

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