राजधानी की सिविल लाइन पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो लोगों को अश्लील वीडियो के जाल में फंसाकर उनसे मोटी रकम वसूल रहा था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस गैंग के 6 सदस्यों को दबोचा है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। यह पूरा गैंग एक युवक को उसका कथित अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर 50 हजार रुपये की फिरौती मांग रहा था।
मिस कॉल’ से शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का खेल
घटना की शुरुआत 20 मई 2026 की शाम को हुई, जब पीड़ित के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से मिस कॉल आया। जैसे ही पीड़ित ने शिष्टाचारवश वापस कॉल किया, जालसाजों ने अपना जाल फेंक दिया। थोड़ी ही देर बाद पीड़ित के वॉट्सऐप पर एक अश्लील वीडियो भेजा गया, जिसे देखकर उसके होश उड़ गए।
धमकी का तरीका: वीडियो भेजने के तुरंत बाद आरोपियों ने पीड़ित को फोन कर कहा—“अगर बदनामी से बचना है, तो चुपचाप 50 हजार रुपये का इंतजाम कर लो, वरना यह वीडियो पूरे सोशल मीडिया पर तैरता नजर आएगा।”
जब पीड़ित ने पैसे देने से इनकार किया, तो धमकियों का सिलसिला और आक्रामक हो गया। डरे हुए युवक ने हिम्मत दिखाई और सीधे सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज करा दी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई: सलाखों के पीछे पहुंचे आरोपी
मामले की संवेदनशीलता और बदनामी के डर से घुटते युवक की स्थिति को देखते हुए पुलिस के आला अधिकारियों ने तुरंत एक स्पेशल टीम गठित की। साइबर सेल की मदद से नंबरों को ट्रेस किया गया और घेराबंदी करके 6 आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया।
पकड़े गए आरोपियों की कुंडली:
- तामेश्वर सोनवानी (19 वर्ष) — निवासी: सेक्टर 28, नवागांव
- राजकुमार कुर्रे (18 वर्ष) — निवासी: सेक्टर 28, नवागांव
- कोमल यादव (21 वर्ष) — निवासी: सेक्टर 28, नवागांव
- छोटू टंडन (20 वर्ष) — निवासी: सेक्टर 28, नवागांव
- सैय्यद सैफ अली (30 वर्ष) — निवासी: सेक्टर 27, जिम गार्डन
- एक नाबालिग साथी (जिसे बाल सुधार गृह भेजने की तैयारी है)
पुलिस अब इन आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह ने अब तक और कितने मासूमों को अपनी ब्लैकमेलिंग का शिकार बनाया है।
मुख्य सतर्कता संदेश: इस तरह के मामलों में अमूमन लोग बदनामी के डर से चुपचाप पैसे दे देते हैं, जिससे इन अपराधियों के हौसले और बढ़ जाते हैं। रायपुर के इस युवक ने पुलिस के पास जाकर सही कदम उठाया है। किसी भी अनजान नंबर से आने वाले वीडियो कॉल या ‘मिस कॉल’ को लेकर सचेत रहें। सतर्कता ही इस डिजिटल युग का सबसे बड़ा बचाव है।



