रायगढ़ की ITI कॉलोनी में मची चीख-पुकार, खुशियों वाले आशियाने में चंद घंटों में पसरा मातम
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ शहर की आईटीआई (ITI) कॉलोनी में बीती रात एक ऐसा खौफनाक और रूह कपा देने वाला हादसा हुआ, जिसने पूरी इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। एक घर में लगे विंडो एसी (Window AC) में आधी रात को हुए भीषण ब्लास्ट ने एक हंसते-खेलते परिवार को पल भर में उजाड़ दिया। इस अग्निकांड में घर के मुखिया पुरुषोत्तम पटेल उर्फ राज की जिंदा जलने से दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनका 19 वर्षीय बेटा राजवीर पटेल इस समय अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है।
रात 3 बजे का वो ‘खौफनाक मंजर’, नींद में ही घिर गए पिता-पुत्र
मिली जानकारी के अनुसार, यह रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना रात करीब 3 बजे की है। पूरा परिवार गहरी नींद में सोया हुआ था, तभी अचानक कमरे में लगे विंडो एसी में एक जोरदार धमाका हुआ। ब्लास्ट इतना शक्तिशाली था कि पल भर में ही आग की गगनचुंबी लपटों ने पूरे कमरे को अपनी आगोश में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर सो रहे बाप-बेटे को संभलने, संभलकर भागने या मदद के लिए पुकारने तक का मौका नहीं मिला। पूरा कमरा कुछ ही सेकेंडों में गैस चैंबर और आग का गोला बन गया।
पड़ोसियों ने दिखाई बहादुरी, ताला तोड़कर निकाला बाहर
आधी रात को हुए इस धमाके और उसके बाद घर के भीतर से आ रही दर्दनाक चीख-पुकार को सुनकर आसपास के पड़ोसी जाग गए। घर से धुआं और लपटें उठती देख पड़ोसियों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए फौरन दौड़ लगाई। आनन-फानन में घर का ताला तोड़ा गया और दोनों को बाहर निकालने की कोशिश शुरू हुई। लेकिन तब तक कुदरत अपना क्रूर खेल खेल चुकी थी। अत्यधिक झुलस जाने के कारण पिता ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था।
- बाथरूम की तरफ भागे पिता: पड़ोसियों ने बताया कि आग की लपटों से घिरे पिता अपनी जान बचाने के लिए बदहवास हालत में बाथरूम की तरफ भागे थे। जब उन्हें निकाला गया, तब उनका आधा शरीर बाथरूम के अंदर और आधा बाहर था।
- बेटे की बेबसी: आग से बचने के लिए 19 साल के मासूम बेटे ने फ्रिज की ओट में (या फ्रिज में) घुसकर खुद को छुपाने का प्रयास किया, लेकिन वह भी इस भीषण आग में गंभीर रूप से झुलस गया।
कल ही काटा था बर्थडे केक, आज उजड़ गया आशियाना
इस पूरे हादसे का सबसे मार्मिक और भावुक कर देने वाला पहलू यह है कि घटना से ठीक एक दिन पहले ही इस घर में उत्सव का माहौल था। परिवार ने घायल बेटे राजवीर का 19वां जन्मदिन बेहद धूमधाम से मनाया था। रिश्तेदारों और दोस्तों की बधाइयों के सुर अभी थमे भी नहीं थे, केक की मिठास अभी होठों से उतरी भी नहीं थी कि चंद घंटों बाद उसी घर पर कयामत टूट पड़ी।
राख में बदली जिंदगी भर की कमाई
आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि घर के अंदर रखा एक-एक तिनका जलकर राख हो चुका है। जिंदगी भर की पूंजी और गृहस्थी का सारा सामान नष्ट हो गया है। यही नहीं, घर के परिसर में खड़ी एक मोटरसाइकिल और एक स्कूटी भी लोहे के ढांचे में तब्दील हो चुकी है।
कबाड़ में तब्दील हुई वाहन





