छत्तीसगढ़ में इस बार मई के अंतिम दिनों ने अपना अब तक का सबसे रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। अभी सूर्य की विशेष तपिश का दौर यानी ‘नवतपा’ शुरू भी नहीं हुआ है, और प्रदेश के आसमान से आग बरसने लगी है। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के 19 जिलों में मौसम विभाग ने हीटवेव (लू) को लेकर ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है।
गुरुवार को माना क्षेत्र में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जबकि रायपुर में तापमान 44 डिग्री दर्ज किया गया। हालात यह हैं कि दोपहर के वक्त सड़कों पर अघोषित कर्फ्यू जैसा सन्नाटा पसर जाता है। कूलर और पंखे पूरी तरह बेअसर साबित हो रहे हैं और रात में भी उमस और गर्म हवाएं पीछा नहीं छोड़ रही हैं।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, आसमान साफ होने के कारण सूरज की किरणें सीधे धरती पर पड़ रही हैं। आने वाले दिनों में यह तपिश और बढ़ेगी।
इन जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ (भारी खतरे की आशंका):
बिलासपुर, रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, मुंगेली, जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार, रायपुर, धमतरी, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई और राजनांदगांव। इन इलाकों में पारा सामान्य से बहुत ऊपर रहेगा और भारी लू चलेगी।
इन जिलों में ‘यलो अलर्ट’ (बढ़ता खतरा):
कोरबा, गरियाबंद, महासमुंद, बालोद और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी। यहां भी तापमान में भारी बढ़ोतरी के साथ उमस और गर्म हवाएं बेहाल करेंगी।
लगातार बढ़ रही गर्मी के कारण डॉक्टरों ने सचेत किया है कि शरीर में पानी की कमी होने से चक्कर आना, सिरदर्द, उल्टी और बेहोशी (हीट स्ट्रोक) जैसी शिकायतें बढ़ रही हैं। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों को इस मौसम में सबसे ज्यादा खतरा है।
खबर नवीस’ की विशेष सलाह: नवतपा और लू से बचने के अचूक उपाय
- दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक इंडोर रहें: बहुत जरूरी काम न हो, तो इस दौरान घर या दफ्तर से बाहर न निकलें। यह समय सबसे घातक होता है।
- खाली पेट बाहर न जाएं: घर से निकलते समय कुछ खाकर और पर्याप्त पानी पीकर ही निकलें। खाली पेट धूप का असर दुगना होता है।
- पारंपरिक छत्तीसगढ़ी ‘अमृत’ अपनाएं: इस मौसम में हमारे छत्तीसगढ़ का पारंपरिक खान-पान जैसे बासी (पेज के साथ), मट्ठा (छाछ), आम पन्ना, नींबू पानी और नारियल पानी का सेवन बढ़ा दें। यह शरीर को अंदर से ठंडा रखते हैं।
- पहनावे पर दें ध्यान: बाहर निकलते समय हमेशा हल्के रंग के सूती (कॉटन) कपड़े पहनें। अपने सिर, चेहरे और गर्दन को सूती कपड़े या गमछे से अच्छी तरह ढंककर रखें। धूप का चश्मा और छाता साथ रखना न भूलें।
- बच्चों और बुजुर्गों का खास ख्याल: इन्हें सीधे धूप के संपर्क में आने से बचाएं। यदि कोई ओआरएस (ORS) या ग्लूकोज का घोल ले रहा है, तो उसे नियमित अंतराल पर देते रहें।
- मजदूरों और फील्ड वर्कर्स के लिए: जो भाई-बहन, ट्रैफिक पुलिसकर्मी या डिलीवरी बॉय धूप में काम कर रहे हैं, वे हर आधे घंटे में छांव में थोड़ा आराम करें और लगातार पानी पीते रहें।


