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बड़ी खबर: छत्तीसगढ़ में विधायक की दबंगई! नायाब तहसीलदार को सरेआम पीटा, जमीन पर गिराया; FIR दर्ज

सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों पर गंभीर आरोप; प्रशासनिक महकमे में भारी आक्रोश, पुलिस जांच में जुटी।

अंबिकापुर (सरगुजा)।

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और प्रशासनिक गलियारों को हिला देने वाली खबर सामने आ रही है। सीतापुर के विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों पर शासकीय कार्य में बाधा डालने, गाली-गलौज करने और एक प्रशासनिक अधिकारी (नायाब तहसीलदार) के साथ सरेआम मारपीट करने के गंभीर आरोप लगे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला (Zero FIR) दर्ज कर लिया है।

क्या है पूरा मामला?

​मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित अधिकारी तुषार मानिक, जो राजपुर उप-तहसील मैनपाट (सीतापुर) में नायाब तहसीलदार के पद पर कार्यरत हैं, उन्होंने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।

​घटना दिनांक 27 मई 2026 की शाम करीब 5:00 बजे की है। शिकायत के मुताबिक, एसडीएम सीतापुर के निर्देश पर नायाब तहसीलदार को एक चौराहे (तिराहे) के पास बुलाया गया था। वहां पहले से मौजूद सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो, उनके निजी सहायक रुपेश वर्मा और अन्य समर्थकों ने अधिकारी पर एक शोध क्षमता प्रमाण पत्र (Solvency Certificate) पर तुरंत हस्ताक्षर करने का अनुचित दबाव बनाया।

सरेआम मारपीट और अभद्रता का आरोप

​नायाब तहसीलदार तुषार मानिक ने आरोप लगाया है कि जब उन्होंने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि वह सभी दस्तावेजों की जांच 28 मई को न्यायालय परिसर में करने के बाद ही हस्ताक्षर करेंगे, तो विधायक और उनके समर्थक उग्र हो गए।

​”विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके साथियों ने बिना किसी वैध कारण के मेरे साथ बेहद अभद्र और गंदी गालियां देना शुरू कर दिया। विरोध करने पर विधायक और उनके समर्थकों ने मेरे साथ सरेआम मारपीट की और मुझे जमीन पर गिरा दिया।”

तुषार मानिक, पीड़ित नायाब तहसीलदार

​अधिकारी ने बताया कि घटना के समय वहां एसडीएम भी मौजूद थे, जिनकी उपस्थिति में इस पूरी वारदात को अंजाम दिया गया। बाद में किसी तरह अधिकारी को वहां से सुरक्षित निकाला गया।

इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मुकदमा

​इस घटना के बाद प्रशासनिक महकमे में भारी आक्रोश है। पीड़ित अधिकारी की शिकायत पर अंबिकापुर कोतवाली थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की निम्नलिखित गंभीर धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है:

  • धारा 221: लोक सेवक के काम में बाधा डालना।
  • धारा 121(1): लोक सेवक को अपने कर्तव्य से रोकने के लिए स्वेच्छा से चोट पहुंचाना।
  • धारा 132: लोक सेवक पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग।
  • धारा 191(2): दंगा या बलवा करने से संबंधित।

आरोपियों की सूची में कौन-कौन शामिल?

​पुलिस एफआईआर के अनुसार, मामले में मुख्य आरोपी और अन्य नाम इस प्रकार हैं:

  1. रामकुमार टोप्पो (विधायक, सीतापुर)
  2. यूसुफ
  3. नाजिम रजा
  4. पंकज गुप्ता
  5. 10 से 12 अन्य अज्ञात समर्थक

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