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छत्तीसगढ़: लॉ स्टूडेंट्स के भविष्य से बड़ा खिलवाड़! कॉपियां लिखीं फिर भी मिला ‘ZERO’ और ‘Absent’, शिकायत पर ‘टारगेट’ करने का आरोप

बिलासपुर: प्रदेश के विश्वविद्यालयों में परीक्षा परिणामों को लेकर लापरवाही के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला एक बार फिर सामने आया है, जहाँ परीक्षा में शामिल होने और उत्तर पुस्तिका लिखने के बावजूद छात्र-छात्राओं को रिजल्ट में ‘अनुपस्थित’ (Absent) या फेल घोषित कर दिया गया है। इस गंभीर गड़बड़ी को लेकर छात्रों का आक्रोश फूट पड़ा है और उन्होंने सीधे तौर पर यूनिवर्सिटी प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

परीक्षा दी, कॉपियां लिखीं, फिर भी रिजल्ट में ATKT और Absent

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में ‘सीजी बॉक्स’ से बात करते हुए बीए-एलएलबी (BA-LLB) थर्ड सेमेस्टर की एक छात्रा ने यूनिवर्सिटी की लापरवाही को बेनकाब किया है। काले कोट (वकील की वेशभूषा) में नजर आ रही छात्रा ने बेहद आक्रोशित लहजे में कहा, “मैं बीए-एलएलबी थर्ड सेमेस्टर की छात्रा हूँ। मैंने परीक्षा दी, बकायदा बैठकर कॉपियां लिखीं, लेकिन जब रिजल्ट आया तो मुझे अनुपस्थित (Absent) दिखा दिया गया। मेरी जिंदगी में पहली बार मेरे रिजल्ट में ATKT आया है।”

​छात्रा ने बताया कि यह समस्या सिर्फ उसके साथ नहीं है, बल्कि उसके कई दोस्तों और सहपाठियों के साथ भी यही खिलवाड़ हुआ है। कई छात्रों को तो शून्य (0) नंबर तक थमा दिए गए हैं।

यूनिवर्सिटी के मूल्यांकन पर कड़ा ऐतराज जताते हुए छात्रा ने प्रबंधन को खुली चुनौती दी है। उसने कहा, “अगर हमें लगता कि हमारे नंबर कम हैं या हमें खुद पर भरोसा नहीं होता, तो हम यहाँ तक (आंदोलन करने) आते ही क्यों? आज भी मैं चुनौती देती हूँ कि मेरी कॉपी खोलकर चेक की जाए। अगर मेरी लिखी एक भी धारा (Section) या आर्टिकल गलत साबित हो जाए, तो मैं यहाँ से चुपचाप चली जाऊँगी।”

छात्रा ने भावुक होते हुए कहा कि उनके माता-पिता अपनी गाढ़ी कमाई लगाकर उन्हें पढ़ा रहे हैं, लेकिन यूनिवर्सिटी उनके भविष्य और करियर के साथ खिलवाड़ कर रही है।

छात्रों को टारगेट करने की मिल रही धमकी?

छात्रा ने आरोप लगाया कि जब वे इस गड़बड़झाले की शिकायत करने पहुँचते हैं, तो उनसे कहा जाता है कि केवल 5 छात्रों के नाम और नंबर दे दिए जाएं। छात्रा का कहना है, “यह नाम और नंबर इसलिए मांगे जाते हैं ताकि भविष्य में उन छात्रों को टारगेट किया जा सके और उन्हें दंगाई या उपद्रवी घोषित किया जा सके।”

अन्य संकायों (BA/BSc) के छात्रों का क्या होता होगा?

छात्रा ने कहा कि जब विधि (Law) के छात्रों के साथ, जो अपने अधिकारों को अच्छी तरह जानते हैं, ऐसा बर्ताव हो रहा है, तो बीए, बीएससी या अन्य सामान्य संकायों के छात्रों के साथ क्या-क्या होता होगा, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। छात्रा ने बताया कि उसका भाई भी लॉ कर रहा है और उसे भी दो विषयों में जबरन ‘Absent’ दिखा दिया गया है, जबकि उसने सभी पांचों परीक्षाएं दी थीं।

मामले को दबाने की कोशिश, छात्र संगठन लामबंद

​छात्रों का कहना है कि जब भी वे आवेदन लेकर जाते हैं, तो उन्हें ‘जल्द ठीक हो जाएगा’ कहकर टाल दिया जाता है और इसी तरह पूरा समय निकाल दिया जाता है। इस बार छात्र आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। यदि यूनिवर्सिटी ने जल्द ही इन गड़बड़ियों को सुधारकर संशोधित रिजल्ट जारी नहीं किया, तो छात्र संघ उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।

​इस पूरे मामले ने एक बार फिर यूनिवर्सिटी के परीक्षा विभाग और मूल्यांकन पद्धति की विश्वसनीयता को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

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