रायगढ़ की शांत फिजाओं में शहर के भीतर पनप रहे अनैतिक कार्यों पर पुलिस ने एक बार फिर कड़ा प्रहार किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के सख्त निर्देशों का पालन करते हुए, रायगढ़ पुलिस की संयुक्त टीम ने शहर के पॉश इलाके छोटे अतरमुड़ा में चल रहे एक संगठित सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई ने शहर में सक्रिय देह व्यापार के नेटवर्क में खलबली मचा दी है।
छोटे अतरमुड़ा स्थित ‘साईं मंगलम’ गली के पास एक किराये के मकान में घिनौना कारोबार फल-फूल रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए, एसएसपी शशि मोहन सिंह ने त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी के मार्गदर्शन में नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा और ट्रैफिक डीएसपी उत्तम प्रताप सिंह की अगुवाई में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने कोई चूक न हो, इसके लिए एक ‘पाइंटर’ (नकली ग्राहक) को मौके पर भेजा। जैसे ही पाइंटर ने निर्धारित संकेत दिया, चक्रधरनगर थाना और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने बिजली की गति से मकान को घेराबंदी कर दबिश दी।
छापेमारी में खुलासा: आपत्तिजनक सामग्री और नकद बरामद
पुलिस की दबिश के दौरान मकान में जो नजारा सामने आया, वह इलाके में फैली चर्चाओं को सच साबित करने के लिए काफी था। मकान की तलाशी के दौरान पुलिस ने तीन युवतियों को बरामद किया। वहीं, मौके से मुख्य महिला दलाल गुंजन चौहान के साथ दो ग्राहक नेहरू चौहान और मीर रविउल को गिरफ्तार किया गया।
महिला पुलिसकर्मियों की उपस्थिति में हुई गहन तलाशी में पुलिस ने मौके से आपत्तिजनक सामग्रियां बरामद कीं। साथ ही, दलाल गुंजन चौहान के पास से वे 2,500 रुपये नकद भी जब्त किए गए, जो पुलिस द्वारा भेजे गए पाइंटर से लिए गए थे।
कानून के शिकंजे में आरोपी
पूछताछ में महिला दलाल गुंजन चौहान ने स्वीकार किया कि वह आर्थिक लाभ के लिए किराये का मकान लेकर युवतियों से देह व्यापार करवा रही थी। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ थाना चक्रधरनगर अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956 की धाराओं (3, 4 एवं 5) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें सलाखों के पीछे भेज दिया है।
इस सफल कार्रवाई के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट संदेश दिया है कि रायगढ़ पुलिस महिलाओं के शोषण और समाज को कलंकित करने वाली गतिविधियों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना रही है। उन्होंने कहा, “ऐसे अपराधों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। देह व्यापार जैसे संगठित अपराधों के खिलाफ हमारी यह मुहिम निरंतर जारी रहेगी।”
इस ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में थाना प्रभारी साइबर विजय चेलक सहित चक्रधरनगर और साइबर सेल के जांबाज अधिकारियों व आरक्षकों की अहम भूमिका रही। पुलिस की इस मुस्तैदी ने समाज में एक सकारात्मक संदेश दिया है कि शहर के भीतर अवैध गतिविधियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


