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रायगढ़ में फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस रैकेट का भंडाफोड़: ‘बाबा ट्रैवल्स’ पर पुलिस का शिकंजा।

Raigarh Police Busts Driving License Racket at ‘Baba Travels’; 150 Fake Documents Seized”

रायगढ़: रायगढ़ पुलिस ने एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए ‘बाबा ट्रैवल्स’ नामक प्रतिष्ठान पर छापेमारी की है, जहाँ महज 5,000 रुपये में फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनाए जा रहे थे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई ने परिवहन विभाग और दलालों के बीच की मिलीभगत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

छापेमारी और खुलासा

पुलिस को मिली पुख्ता शिकायतों के आधार पर गठित टीम ने जब ‘बाबा ट्रैवल्स’ के कार्यालय पर दबिश दी, तो वहां से बड़े पैमाने पर आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए। शुरुआती जाँच में पता चला है कि बिना किसी आधिकारिक ड्राइविंग टेस्ट या ट्रायल के, सीधे लाइसेंस जारी किए जा रहे थे। पुलिस ने मौके से कंप्यूटर और दर्जनों संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए हैं।

फर्जीवाड़े की चौकाने वाली परतें

इस रैकेट की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि:

  • ओडिशा से संबंध: बरामद दस्तावेजों में ओडिशा के करीब 150 लोगों के नाम और कागजात शामिल हैं, जो पूरे नेटवर्क के अंतरराज्यीय होने की पुष्टि करते हैं।
  • नियमों की धज्जियां: एक ही पते पर कई लाइसेंस जारी किए गए, जिससे स्पष्ट होता है कि सत्यापन प्रक्रिया (Verification) में जानबूझकर धांधली की गई।
  • आंकड़ों का खेल: महज 5,000 रुपये की कीमत पर अवैध तरीके से लाइसेंस तैयार करना सुरक्षा मानकों के साथ खिलवाड़ है।

प्रशासन और RTO की भूमिका पर सवाल

यह मामला न केवल एक दुकान के फर्जीवाड़े का है, बल्कि परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है। जब पूरी लाइसेंस प्रक्रिया ऑनलाइन और नियमों के तहत होती है, तो इतनी बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेज कैसे सिस्टम का हिस्सा बन गए? यह विभागीय लापरवाही या मिलीभगत का स्पष्ट संकेत है।

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