खबर नवीश रायगढ़ बड़ा खुलासा: डिजिटल फुटप्रिंट्स और डिलीटेड चैट से खुली पोल, बेमेतरा के सरकारी स्कूल का पीटीआई जवाहर लाल कुर्रे समेत 3 आरोपी गिरफ्तार। शिक्षा विभाग में हड़कंप।
- लीक का तरीका: परीक्षा से ठीक पहले छात्रों को WhatsApp पर हाथ से लिखा (Handwritten) प्रश्नपत्र भेजा जाता था।
- सौदा: प्रति छात्र ₹3,000 की वसूली, भुगतान पूरी तरह से ऑनलाइन (UPI/Bank Transfer)।
- गिरफ्तारी: मास्टरमाइंड वेणु कुमार जंघेल, विकास सेन और पीटीआई जवाहर लाल कुर्रे पुलिस की गिरफ्त में।
- मकसद: आर्थिक मुनाफा कमाना और स्कूल का परीक्षा परिणाम (Result) चमकाना।
पूरी रिपोर्ट: डिजिटल सबूतों ने ढहाया पेपर लीक का साम्राज्य
रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की 12वीं बोर्ड की हिंदी परीक्षा के पेपर लीक मामले में पुलिस ने एक बेहद सुनियोजित और चौंकाने वाले रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस पूरे काले कारोबार का जाल WhatsApp के जरिए फैलाया जा रहा था। साइबर सेल और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में इस गिरोह के मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपियों को दबोच लिया गया है
कैसे होता था खेल? ₹3,000 में बिकता था भविष्य
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह का मुख्य सरगना वेणु कुमार जंघेल परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले छात्रों को हस्तलिखित (Handwritten) प्रश्नपत्र WhatsApp पर भेजता था। इसके बदले छात्रों से ₹3,000 प्रति पेपर वसूले जाते थे। शातिर आरोपी पकड़े जाने के डर से सिर्फ ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए ही पैसे लेते थे।
साइबर टीम की मुस्तैदी: आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए मोबाइल चैट्स डिलीट कर दिए थे। लेकिन साइबर एक्सपर्ट्स ने डिजिटल फुटप्रिंट, डिलीटेड मोबाइल चैट और बैंक ट्रांजेक्शन को बारीकी से खंगाला। करीब 50 से अधिक छात्रों और संदिग्धों से कड़ी पूछताछ के बाद पुलिस सीधे आरोपियों के गिरेबान तक पहुंच गई।
सरकारी स्कूल का शिक्षक ही निकला ‘गद्दार’
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया, जब बेमेतरा जिले के शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल (बोरतरा) में पदस्थ पीटीआई (PTI) जवाहिर लाल कुर्रे का नाम सामने आया।
आरोपियों का प्रोफाइल और भूमिका
आरोपी का नाम
पद/निवासी
नेटवर्क में भूमिका
जवाहिर लाल कुर्रे
पीटीआई, हायर सेकेंडरी स्कूल बोरतरा (बेमेतरा)
मुख्य सप्लायर (वेणु और विकास को पेपर लाकर दिया)
वेणु उर्फ वेणु कुमार जंघेल
मूल निवासी बेमेतरा (हाल मुकाम: गुढ़ियारी, रायपुर)
मास्टरमाइंड (WhatsApp पर छात्रों को पेपर बेचना और पैसे वसूलना)
विकास सेन
सहयोगी
नेटवर्क संचालन और छात्रों से संपर्क
पूछताछ में पीटीआई जवाहिर लाल कुर्रे ने स्वीकार किया है कि उसी ने वेणु और विकास को यह हस्तलिखित प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया था। हालांकि, पुलिस के सामने अभी सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न यह है कि पीटीआई कुर्रे के पास यह पेपर किस स्तर से और कहां से लीक होकर पहुंचा था? इसकी जांच जारी है।
शिक्षा विभाग में हड़कंप, अन्य पेपरों पर भी शक की सुई
इस खुलासे के बाद स्कूल शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। पुलिस अब स्कूल प्रबंधन, परीक्षा केंद्रों की गोपनीय शाखा और प्रश्नपत्र वितरण प्रक्रिया से जुड़े हर अधिकारी-कर्मचारी की भूमिका की जांच कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि:
”इस रैकेट को चलाने के पीछे दो मुख्य वजहें थीं—पहला, अवैध रूप से मोटी रकम कमाना और दूसरा, अपने चहेते स्कूल का रिजल्ट बेहतर दिखाकर वाहवाही लूटना।”
अब तक की कार्रवाई और आगे का एक्शन
पुलिस ने बताया कि सबसे पहली गिरफ्तारी 11 मई को मास्टरमाइंड वेणु जंघेल की हुई थी। उसकी निशानदेही पर विकास सेन और पीटीआई को दबोचा गया। तीनों के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।
अब पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि क्या हिंदी के अलावा अन्य विषयों के प्रश्नपत्र भी इसी तरह लीक किए गए थे? गिरोह से जुड़े कुछ अन्य संदिग्ध फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
इस खबर पर हमारी पैनी नजर बनी हुई है, जैसे ही मुख्य सोर्स का पता चलेगा, अपडेट जारी किया जाएगा।


