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राजनांदगांव: थाने के बैरक में शराब पीते मिले दो प्रधान आरक्षक निलंबित, SP ने की कार्रवाई

जिन कंधों पर समाज में कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराध मुक्त माहौल देने की जिम्मेदारी है, अगर वही वर्दीधारी मर्यादा की धज्जियां उड़ाने लगें, तो जनता का भरोसा टूटना लाजिमी है। ऐसा ही एक शर्मनाक मामला राजनांदगांव के सोमनी थाने से सामने आया है, जहां थाना परिसर के भीतर बने बैरक में दो प्रधान आरक्षक ड्यूटी की गरिमा को ताक पर रखकर बकायदा ‘शराब पार्टी’ मना रहे थे।

​मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) ने त्वरित और सख्त रुख अख्तियार किया है। दोनों आरोपी पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspended) कर रक्षित केंद्र (लाइन) राजनांदगांव अटैच कर दिया गया है। इस कार्रवाई से पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है।

रात 10 बजे बैरक में छलक रहे थे जाम

​एसपी कार्यालय से जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक, यह घटना 25 मई की रात करीब 10 बजे की है। सोमनी थाने में पदस्थ:

  1. प्रधान आरक्षक हेमंत अनंत
  2. प्रधान आरक्षक भूपेंद्र कौचे

​दोनों पुलिसकर्मी थाना परिसर के भीतर स्थित बैरक में बैठकर जाम छलका रहे थे। जैसे ही इस बात की भनक उच्च अधिकारियों को लगी, मौके पर हड़कंप मच गया। रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद इसे घोर अनुशासनहीनता और पुलिस विभाग की छवि धूमिल करने वाला कृत्य माना गया।

“सरकारी दफ्तर या थाना परिसर में इस तरह का कृत्य कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह सीधे तौर पर अनुशासनहीनता की पराकाष्ठा है।”

— पुलिस प्रशासन (आदेश अंश)

सख्त हिदायत: बिना अनुमति नहीं छोड़ सकेंगे मुख्यालय

​निलंबन आदेश में साफ तौर पर निर्देश दिए गए हैं कि निलंबन अवधि के दौरान दोनों प्रधान आरक्षक बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। उन्हें तत्काल प्रभाव से रक्षित केंद्र राजनांदगांव से संबद्ध कर दिया गया है।

सीएसपी को सौंपी कमान, 7 दिन में मांगी रिपोर्ट

​इस पूरे मामले की प्रारंभिक जांच की जिम्मेदारी नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) को सौंपी गई है। एसपी ने कड़े निर्देश दिए हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर 7 दिनों के भीतर जांच प्रतिवेदन (Report) पेश किया जाए। विभागीय सूत्रों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर इन दोनों के खिलाफ आगे और भी बड़ी अनुशासनात्मक या विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।

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