छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचारियों के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) का हंटर लगातार चल रहा है। इसी कड़ी में आज बेमेतरा जिले के थान खम्हरिया थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक (हेड कांस्टेबल) अजय लहरे को ACB ने ₹15,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। खाकी की धौंस दिखाकर एक ग्रामीण को कानूनी कार्रवाई का डर दिखाने वाले इस पुलिसकर्मी का खेल आखिरकार खत्म हो गया।
पेड़ कटाई का विवाद और ‘धारा 151’ का डर
पूरा मामला खैरझिटीकला गांव का है। यहां के निवासी दुर्गेश पटेल का गांव में ही किसी से पेड़ कटाई को लेकर विवाद हो गया था। कायदे से पुलिस को इस मामले को सुलझाना चाहिए था, लेकिन हेड कांस्टेबल अजय लहरे ने इसे कमाई का जरिया बना लिया।
- धमकी: आरोपी पुलिसकर्मी पीड़ित दुर्गेश पटेल को धारा 151 के तहत जेल भेजने की धमकी दे रहा था।
- डील: इस कानूनी पचड़े से बचाने के एवज में पहले 20,000 रुपये की डिमांड की गई थी।
- सौदा: लंबी बातचीत और मिन्नत के बाद सौदा 15,000 रुपये में तय हुआ, लेकिन आरोपी तुरंत पैसे देने के लिए लगातार दबाव बना रहा था।
ACB का जाल: केमिकल वाले नोट और खाकी बेनकाब
रिश्वतखोर पुलिसकर्मी की प्रताड़ना से तंग आकर दुर्गेश पटेल ने इसकी शिकायत सीधे एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) से कर दी। ब्यूरो ने शुरुआती जांच में शिकायत को सही पाया और शुक्रवार को जाल बिछाया।
योजना के मुताबिक, जैसे ही दुर्गेश ने केमिकल लगे हुए ₹15,000 हेड कांस्टेबल अजय लहरे को सौंपे, वैसे ही पहले से तैयार बैठी ACB की टीम ने धावा बोलकर उसे दबोच लिया। आरोपी के हाथ धुलाते ही पानी का रंग बदल गया, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि मौके पर ही हो गई।
खम्हरिया थाने में हड़कंप, बड़े नेक्सस की जांच शुरू
ACB की इस अचानक छापेमारी से थान खम्हरिया परिसर में हड़कंप मच गया। ब्यूरो की टीम ने तुरंत पूरे थाने को अपने नियंत्रण में ले लिया और एहतियातन बाहरी लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी।




