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​AI का आत्मघाती इस्तेमाल: रायपुर में सनातन धर्म को ठेस पहुंचाने की बड़ी साजिश? राम भक्त सेना ने खोला मोर्चा, पुलिस एक्शन में।

रायपुर। आधुनिक तकनीक जब रचनात्मकता की जगह समाज में वैमनस्य घोलने का जरिया बन जाए, तो परिणाम कितने गंभीर हो सकते हैं, इसकी बानगी राजधानी रायपुर में देखने को मिली है। सोशल मीडिया पर वायरल एक AI-जनरेटेड (कृत्रिम बुद्धिमत्ता द्वारा निर्मित) वीडियो ने शहर का माहौल गरमा दिया है। इस वीडियो में ईसा मसीह को हिंदू देवी-देवताओं से श्रेष्ठ बताने और भगवान शिव व भगवान विष्णु के संबंध में बेहद आपत्तिजनक दावे करने का आरोप है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित एक्शन लेते हुए FIR दर्ज कर ली है।

विवाद की जड़: क्या है वायरल कंटेंट में?

फेसबुक पर साझा किए गए इस विवादित वीडियो में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल कर कुछ ऐसी भ्रामक और आपत्तिजनक बातें कही गई हैं, जिसने सनातन समाज की आस्था को गहरी ठेस पहुंचाई है। हिंदू संगठनों का साफ कहना है कि यह कोई सामान्य भूल नहीं, बल्कि दो समुदायों के बीच कड़वाहट पैदा करने की एक सोची-समझी डिजिटल साजिश है।

सिविल लाइन थाने में भारी आक्रोश, संगठनों ने खोला मोर्चा

इस डिजिटल गुस्ताखी के खिलाफ राम भक्त सेना समेत कई हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। भारी आक्रोश के बीच कार्यकर्ता सिविल लाइन थाना पहुंचे, जहां उन्होंने न केवल इस कृत्य का कड़ा विरोध करते हुए नारेबाजी की, बल्कि पुलिस प्रशासन को एक लिखित शिकायत सौंपकर इस सोशल मीडिया अकाउंट के संचालक के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।

संगठनों का सीधा बयान: “यह सिर्फ एक वीडियो नहीं है, बल्कि हमारे समाज के भाईचारे और शांति को छिन्न-भिन्न करने का एक घटिया प्रयास है। ऐसे तत्वों को समाज में खुलेआम घूमने की इजाजत नहीं दी जा सकती।”

पुलिस की कार्रवाई: अज्ञात चेहरों की तलाश शुरू

मामले की गंभीरता और शहर की शांति व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए सिविल लाइन थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई:

  • FIR दर्ज: अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
  • साइबर टीम एक्टिव: पुलिस की तकनीकी और साइबर सेल की टीमें अब उस डिजिटल फुटप्रिंट को खंगाल रही हैं, जहां से यह वीडियो पहली बार अपलोड या जनरेट किया गया था।
  • असली मंशा की जांच: पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस संवेदनशील वीडियो को बनाने के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन है और उसका मुख्य उद्देश्य क्या था।
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