मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ धमतरी पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है, लेकिन इस बार सफलता के साथ-साथ महकमे के भीतर छुपा एक काला चेहरा भी बेनकाब हुआ है। ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत कार्रवाई करते हुए मगरलोड थाना पुलिस ने गांजा तस्करों की मदद करने के आरोप में एक नगर सैनिक (होमगार्ड) को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
दरअसल, यह पूरा मामला 14 अप्रैल 2026 को दर्ज हुए एक अपराध से जुड़ा है। मगरलोड पुलिस ने मुकबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए 1.660 किलोग्राम अवैध गांजे के साथ एक पति-पत्नी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपी फिलहाल न्यायिक अभिरक्षा में जेल में हैं।
इस मामले की कड़ियां जोड़ने के लिए जब पुलिस ने गहन विवेचना, तकनीकी विश्लेषण (सीडीआर) और मुखबिरों के नेटवर्क को खंगाला, तो एक चौंकाने वाला नाम सामने आया। जांच में स्पष्ट हुआ कि नगर सैनिक महेश सिन्हा न सिर्फ इन तस्करों के संपर्क में था, बल्कि वह इस पूरे अवैध नेटवर्क को संरक्षण और मदद दे रहा था।
संदेह के घेरे में आने के बाद पुलिस कप्तान के निर्देश पर महेश सिन्हा पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी। पर्याप्त पुख्ता सबूत जुटाने के बाद मगरलोड पुलिस ने आरोपी नगर सैनिक को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की।
पूछताछ में खुलासा: आरोपी ने पुलिसिया पूछताछ में तस्करों के साथ अपनी संलिप्तता और सिंडिकेट में अपनी सक्रिय भूमिका की बात कबूल कर ली है। साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
धमतरी पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जिले में नशे के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए एक सुनियोजित अभियान चलाया जा रहा है। अपराधियों की मदद करने वाला चाहे आम इंसान हो या विभाग का कोई कर्मचारी, कानून सबके लिए बराबर है। पुलिस अपराधियों की जड़ों तक पहुंचकर पूरे नेटवर्क को नेस्तनाबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।


